पटना : सीमांचल में आखिरकार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ( एआईएमआईएम ) ने महागठबंधन और खास तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को नुकसान पहुंचा ही दिया। सीमांचल में कुल 24 सीटें हैं जिनमें से 6 सीटों पर एआईएमआईएम जीत के करीब है। यदि अंतिम नतीजे यही रहते हैं तो ओवैसी पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट के फायदा में रहेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने पांच सीटें जीती थीं।
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए बहुत बड़ी जीत दर्ज करने जा रहा है। उस इस बार 200 से ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। दूसरी तरफ महागठबंधन को भारी नुकसान होता दिख रहा है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम सीमांचल में 6 सीटें जीतने की स्थिति में पहुंच गई है। उसने सीमांचल की अन्य कुछ सीटों पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। असदुद्दीन ओवैसी बिहार में महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा रखते थे। उन्होंने आरजेडी के नेता लालू यादव और तेजस्वी यादव को संदेश भेजा था कि एआईएमआईएम को भी महागठबंधन में शामिल करें ताकि वोटों का बंटवारा न हो और महागठबंधन ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बना सके। लेकिन आरजेडी की ओर से उनको कोई जवाब नहीं दिया गया। परोक्ष रूप से ओवैसी की गुजारिश को नकार दिया गया। इस चुनाव से पहले ओवैसी ने कहा था कि वे सीमांचल में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे। ओवैसी भरोसा था कि सीमांचल में उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा था कि बिहार में उनकी पार्टी ने महागठबंधन से सिर्फ 6 सीटों की मांग की थी, लेकिन आरजेडी ने साफ इनकार कर दिया। अब एआईएमआईएम 6 सीटें जीतने वाली है।
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