खट्टी-मिठी यादों के साथ साल 2025 समाप्त हो गया और भारत में रात 12 बजते ही हर ओर नववर्ष 2026 का जश्न चरम पर पहुंच गया. कई जगहों पर आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा, पटाखों की गूंज ने रात को दिन बना दिया. सड़कों पर भीड़, क्लबों में संगीत की धुन और घरों में हंसी की गूंज के साथ हर जगह सिर्फ जश्न का आलम था. लोग एक-दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं दे रहे हैं. यह सिर्फ एक तारीख का बदलना नहीं, बल्कि उम्मीदों का नया सूरज है, सपनों की नई उड़ान है. हर चेहरे पर मुस्कान, हर दिल में एक नई कहानी लिखने का जोश है. रात के अंधेरे में जगमगाती रोशनी हमें याद दिलाती है कि हर अंत एक नई शुरुआत है
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