रांची : कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने ग्रामीणों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सतर्क रहने और इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ब्लॉक लेबल ऑफिसर्स (बीएलओ) की ओर से एसआईआर का काम किया जा रहा है। लोग अपने और अपने परिवार का सत्यापन हर हाल में कराएं। मंत्री बुधवार को बेड़ो प्रखंड के पंडरा, जमुनी और रोगो गांव में सरना-मसना स्थल की घेराबंदी योजना का शिलान्यास करते हुए यह बातें कही। दरअसल यह है की झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने पिछले दिनों कहा की झारखंड में होने वाले एसआइआर की जानकारी समय पूर्व लोगों तक पहुंचे ताकि मतदाता सूची में किसी आम मतदाता का नाम न छूटे. झारखंड में सुदूर क्षेत्रों में लोग निवास करते हैं उन क्षेत्रों में आदिवासी दलित समुदाय की बहुलता है उन्हें जागरूक रखना होगा। इस निर्देश के बाद प्रदेश काँग्रेस एक्टिव हो गई है मौके पर मंत्री ने ग्रामीणों के बीच कंबल का भी वितरण किया। उन्होंने कहा कि इस स्थल से ग्रामीणों का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव है। घेराबंदी के अभाव में लगातार ऐसे धरोहरों का अतिक्रमण हो रहा है। ऐसे में समाज की जागरूकता और सरकार की योजना से सरना-मसना स्थल की पहचान को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपना स्वार्थ त्याग कर अपने पुरखों के धरोहर को बचाने में सामूहिक जिम्मेवारी का निर्वहन करें। इसके अलावे मंत्री ने किसानों को मडुआ की खेती में सरकार की ओर से प्रति एकड़ तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की जानकारी देते हुए इसका लाभ उठाने की बात कही। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष करमा उरांव, उप प्रमुख मुद्दसिर हक, बुध राम लोहरा, करमचंद भगत, चरवा उरांव, फहीम, शंभू बैठा, सुबल उरांव, बीरेंद्र उरांव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
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