पूर्वी सिंहभूम। चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत केंद्रीय आम बजट को वित्तीय अनुशासन, आत्मनिर्भर भारत, आधारभूत संरचना विकास और जनकल्याण की दिशा में सकारात्मक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। बजट के प्रति समर्थन जताते हुए चेंबर ने इसे व्यापार, उद्योग और आमजन के हित में बताया।
इस अवसर पर बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण आयोजित किया गया, जिसमें चेंबर के पदाधिकारी, सदस्य और कर एवं वित्त क्षेत्र के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने बजट भाषण को गंभीरता से सुना और इसके विभिन्न प्रावधानों पर सार्थक विमर्श किया।
चेंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश के लिए राजकोषीय घाटे में कमी एक उत्साहजनक संकेत है। वित्तीय घाटे का 4.5 प्रतिशत से घटकर 4.4 प्रतिशत होना और आगामी वर्ष इसे 4.3 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य यह दर्शाता है कि सरकार जिम्मेदार और संतुलित वित्तीय प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
वित्त एवं कराधान के उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने कहा कि बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को लेकर किए गए प्रावधान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रस्तावना से व्यापारिक आवागमन सुगम होगा, लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी और पर्यटन क्षेत्र को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
वित्त एवं कराधान सचिव अंशुल रिंगसिया ने संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ईमानदार करदाताओं को अपनी त्रुटियां सुधारने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस पर एसटीटी में वृद्धि से ट्रेडर्स पर कुछ प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इससे अनावश्यक सट्टेबाजी पर नियंत्रण होगा और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
चेंबर के कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रांची (झारखंड) और तेजपुर (असम) में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं उन्नयन की घोषणा को जनहितकारी और दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एक मजबूत और संगठित प्लेटफॉर्म मिलेगा।
उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और उद्योग जगत को नई मजबूती मिलेगी। वहीं उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने 17 कैंसर दवाओं पर आयात शुल्क हटाने के निर्णय को संवेदनशील और राहतकारी कदम बताते हुए कहा कि इससे इलाज की लागत कम होगी और मरीजों तथा उनके परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट व्यापार, उद्योग, एमएसएमई, निवेश और रोजगार सृजन को नई दिशा देगा तथा समावेशी विकास के माध्यम से “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में सचिव भरत मकानी, बिनोद शर्मा, सीए जगदीश खंडेलवाल, निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, पूर्व अध्यक्ष उमेश कांवटिया, नंदकिशोर अग्रवाल, सतीश सिंह, प्रतीक अग्रवाल, पीयूष गोयल, एडवोकेट पारस अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, एडवोकेट मनीष चौधरी, नितेश धूत सहित बड़ी संख्या में कर एवं वित्त के विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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