बेंगाबाद : बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत कंडुआगढ़ा गांव में शनिवार को एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने कानून को धत्ता बताते हुए एक नाबालिग लड़का और लड़की की जबरन शादी करा दी।
बताया जा रहा है कि दोनों किशोर जमुआ थाना क्षेत्र के धर्मपुरा गांव के रहने वाले हैं। घटना बीती देर रात की है, जब ग्रामीणों ने प्रशासन की मौजूदगी और कानून की अनदेखी करते हुए चोरी-छिपे विवाह की सभी रस्में पूरी ली।
सूत्रों के अनुसार, जब प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली और टीम मौके पर पहुंची, तो ग्रामीणों ने भ्रामक जानकारी देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि पंचायत के मुखिया दोनों को अपने साथ ले गए हैं, जबकि हकीकत में लड़की को गांव में ही छिपाया गया था। सुबह करीब चार बजे जल्दबाजी में शादी की रस्में पूरी कर दोनों को धर्मपुरा भेज दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जमुआ थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों नाबालिगों को बरामद कर लिया। पुलिस ने उन्हें चाइल्डलाइन और बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां उनके उम्र सत्यापन और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संभावना है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत दोषियों पर कार्रवाई हो सकती है।
इस पूरे प्रकरण को वनवासी विकास आश्रम और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन जैसे बाल अधिकार संगठनों ने गंभीरता से लिया है। संगठनों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रहे नाबालिग विवाह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं, और प्रशासन की ढिलाई से ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं।
बताया जाता है कि यह इस क्षेत्र में पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार नाबालिग विवाह के मामले सामने आए हैं, लेकिन कार्रवाई अधूरी रह जाने के कारण ग्रामीणों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बार क्या ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी पूर्व की घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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