चेन्नई की सड़कों पर चलने वाली एक ऑटो रिक्शा सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि सुरक्षा और संवेदना का प्रतीक बन चुकी है। 50 वर्षीय पी. वी. राजी अशोक, जिन्हें लोग प्यार से “ऑटो अक्का” कहते हैं, पिछले 25 वर्षों से महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं। राजी दिन हो या रात, कभी भी किसी महिला यात्री को राइड देने से मना नहीं करतीं।
राजी ने अब तक 10,000 से ज्यादा महिलाओं, छात्राओं, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को मुफ्त और सुरक्षित सफर कराया है। रात 10 बजे के बाद भी अगर किसी महिला या वृद्ध के पास किराए के पैसे न हों, तो वह नि:शुल्क यात्रा कराती हैं। आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचाने में भी कभी देर नहीं करतीं।
राजी बताती हैं कि एक बार उन्होंने एक महिला को नशे में धुत ड्राइवर के ऑटो में सफर करते देखा। उस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया, और तभी उन्होंने महिलाओं को मुफ्त व सुरक्षित राइड देने का फैसला किया।
आज “ऑटो अक्का” न केवल महिलाओं को मुफ्त यात्रा कराती हैं, बल्कि उन्हें ऑटो चलाना सिखाकर आत्मनिर्भर भी बना रही हैं। उनकी पहल साबित करती है कि मानवता और संवेदना के दम पर एक महिला भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।
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