रांची : रेल सुरक्षा बल रांची ने यात्रियों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा में ईमानदारी और तत्परता का एक और उदाहरण पेश किया है।
पहली घटना 3 अक्टूबर 2025 की है, जब हावड़ा–रांची वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20897) में नियमित जांच के दौरान आरपीएफ को कोच संख्या सी-5 की सीट 6, 7 और 8 पर एक हैंड बैग मिला। जांच के बाद पता चला कि यह बैग पश्चिम बंगाल के बप्पा घोष का है, जो परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। बैग में 40,000 नकद, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक वस्तुएं थीं, जिनकी कुल कीमत लगभग 45,000 आंकी गई। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग यात्री को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई उपनिरीक्षक रवि शेखर, सहायक उपनिरीक्षक अरुण कुमार और कांस्टेबल अखिलेश सिंह की टीम ने की।
दूसरी घटना 4 अक्टूबर 2025 की है, जब 15028 एक्सप्रेस ट्रेन के बी-8 कोच की सीट संख्या 09 पर एक महिला यात्री का पर्स मिला। पर्स में रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन (मूल्य ₹12,000) रखा था। आरपीएफ की एस्कॉर्ट टीम ने तत्परता से जांच कर पर्स को वास्तविक मालिक तक पहुंचाया। इस टीम में सहायक उपनिरीक्षक अगस्तुस लकड़ा और कर्मी एस.बी. मीणा, प्रदीप कुमार ततुआ एवं सोनू कुमार शामिल थे।
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